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दया नायक के एनकाउंटर में मारे गए सादिक कालिया की हत्या का बदला, 27 साल बाद भतीजे ने किया मुखबिर का मर्डर

अपराध की दुनिया में कहा जाता है कि अंडरवर्ल्ड कभी नहीं भूलता। मुंबई में एक बार फिर यह सच साबित हुआ है। साल 1999 में दादर में हुए कुख्यात गैंगस्टर सादिक कालिया के एनकाउंटर का बदला, उसके भतीजे ने ठीक 27 साल बाद लिया है। पुलिस ने सादिक के भतीजे सादिक जावर को अपने चाचा की मौत का कथित बदला लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?
यह कहानी शुरू होती है 1999 में, जब एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की टीम ने सादिक कालिया को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। उस वक्त सादिक का भतीजा जावर मात्र 2 साल का था। जैसे-जैसे जावर बड़ा हुआ, उसके मन में यह बात घर कर गई कि उसके चाचा की मौत के पीछे इकबाल इब्राहिम सेलिया (78) का हाथ था। जावर का मानना था कि सेलिया ने ही पुलिस को उसके चाचा की लोकेशन की सटीक जानकारी दी थी।

सादिक जावर ने रची हत्या की खौफनाक साजिश
पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल की शाम इकबाल सेलिया अपने नागपाड़ा स्थित आवास में थे। जब सेलिया घर में अकेले थे, तब दो हमलावर अंदर घुसे और उन पर चॉपर (बड़े छुरे) से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। प्रतिशोध की आग इतनी भीषण थी कि हमलावरों ने बुजुर्ग सेलिया के शरीर पर 20 से अधिक बार वार किए। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में परिवार ने खून से लथपथ शव बरामद किया।

700 किलोमीटर का फिल्मी फरारी रूट
हत्या के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने किसी थ्रिलर फिल्म की तरह भागने का प्लान बनाया। पहले वह एंटॉप हिल से विद्याविहार गए। इसके बाद पीछा छुड़ाने के लिए ट्रेन का सहारा लिया और कल्याण तक ट्रेन से भागे। कल्याण से एक निजी वाहन किराए पर लेकर आरोपी 700 किलोमीटर दूर नागपुर पहुंच गए।

हालांकि, मुंबई क्राइम ब्रांच की तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज ने उनकी चाल नाकाम कर दी। पुलिस ने जावर और उसके सहयोगी नौशाद मिठानी (22) को नागपुर से दबोच लिया। नागपाड़ा पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर प्रदीप काले ने पुष्टि की है कि आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

कौन था सादिक कालिया?
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सादिक कालिया कभी कालाचौकी में जूते बेचने का काम करता था। जबरन वसूली से परेशान होकर उसने अपराध की दुनिया चुनी और बाद में छोटा शकील गिरोह का हिस्सा बन गया। वह मुन्ना झिंगाड़ा जैसे शार्पशूटरों के साथ मिलकर मुंबई में कई वारदातों को अंजाम दिया। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की टीम ने 1999 में सादिक कालिया को एक मुठभेड़ में मार गिराया था।

Chief Editor – Yusuf Patel

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