मुंबई के गोराई बीच पर अवैध घोड़ागाड़ी दौड़ के मामले में एफआईआर दर्ज की गई

गोराई पुलिस ने गोराई बीच पर अवैध रूप से घोड़ागाड़ी दौड़ आयोजित करने के आरोप में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना के वीडियो फुटेज में कई घोड़ागाड़ियां बीच पर तेज रफ्तार से दौड़ती नजर आ रही हैं, जिससे पशु क्रूरता और जन सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह मामला सोमवार, 6 अप्रैल को बीच पर सुबह की सैर के लिए गए एक नागरिक की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसने घटना को रिकॉर्ड किया था। वीडियो सबूत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
जागरूक नागरिक ने घटना का सबूत रिकॉर्ड किया
शिकायतकर्ता की पहचान 49 वर्षीय पल्लवी पाटिल के रूप में हुई है, जो एक कानूनी सलाहकार और पशु प्रेमी हैं। पल्लवी अपने 23 वर्षीय बेटे सार्थक पाटिल के साथ 6 अप्रैल को सुबह लगभग 6:30 बजे गोराई बीच पर टहलने गई थीं। बीच पर उन्होंने देखा कि वहां भारी भीड़ जमा थी, साथ ही कई घोड़ागाड़ियां और बैलगाड़ियां दौड़ के लिए कतार में लगी थीं। कुछ मिनट बाद दौड़ शुरू हो गई। पाटिल ने अपने मोबाइल फोन पर घटना के वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड कीं।
पशु क्रूरता
ये दौड़ें प्रतिबंधित हैं क्योंकि ये पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 का उल्लंघन करती हैं। बॉम्बे उच्च न्यायालय ने पहले ही घोड़े से चलने वाली गाड़ियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। गोराई पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की विभिन्न धाराओं और बीएनएस की धारा 291, 3(5) के तहत घोड़ागाड़ी दौड़ आयोजित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस का बयान
एक पुलिस अधिकारी ने कहा,
‘हमने अज्ञात लोगों के खिलाफ घोड़ागाड़ी दौड़ आयोजित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। हम वीडियो और तस्वीरों की मदद से आरोपियों की पहचान कर रहे हैं।’

Chief Editor – Yusuf Patel