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सरकारी कर्मचारी और शिक्षक आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर; 17 लाख कर्मचारी शामिल

📍 मुंबई | विशेष संवाददाता

राज्य के सरकारी कर्मचारी, जिला परिषद कर्मचारी, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मिलाकर लगभग 17 लाख कर्मचारी आज (मंगलवार) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर यह बड़ा फैसला लिया गया है।

⚠️ राज्य सरकार की चेतावनी

राज्य सरकार ने इस हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए हड़ताल में शामिल कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हड़ताल अवधि के दौरान वेतन नहीं दिया जाएगा और ‘मेस्मा (MESMA)’ के अंतर्गत आने वाली सेवाओं के कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🗣️ कर्मचारी संगठनों का बयान

राज्य सरकारी कर्मचारी संगठन के समन्वयक विश्वास काटकर ने कहा:
“सरकार ने हमारी मांगों पर चर्चा करने के लिए कोई पहल नहीं की, इसलिए हम हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हैं।”

🏥 सेवाओं पर असर की आशंका
मंत्रालय से लेकर तहसील स्तर तक प्रशासनिक कामकाज प्रभावित
अस्पतालों में कर्मचारियों की भागीदारी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की संभावना
सरकारी कामकाज ठप पड़ने की आशंका
📌 कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
संशोधित राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) पर स्पष्ट अधिसूचना जारी की जाए
सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए
रिक्त पदों पर जल्द भर्ती (चतुर्थ श्रेणी व ड्राइवर भर्ती पर लगी रोक हटाई जाए)
सभी कर्मचारियों के लिए समग्र स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए
🔥 पृष्ठभूमि

पिछले एक वर्ष में कर्मचारियों और शिक्षकों ने 7 बार आंदोलन किया, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके चलते अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया है।

Chief Editor – Yusuf Patel

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