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मुंबई में अवैध बाइक-टैक्सी पर बड़ी कार्रवाई; मंत्री प्रताप सरनाईक ने ऐप मालिकों पर FIR दर्ज करने के दिए आदेश

मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में पिछले कुछ महीनों से ओला, उबर और विशेष रूप से रैपिडो जैसे ऐप के माध्यम से बिना किसी वैध परमिट के बाइक-टैक्सी सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इस अवैध परिवहन व्यवस्था पर लगाम लगाने के लिए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ये कंपनियां परिवहन विभाग के नियमों और शासन की मान्यताओं का खुलेआम उल्लंघन कर रही हैं, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा खतरा है।

मंत्री सरनाईक ने साइबर विभाग को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि इन अनधिकृत बाइक-टैक्सी सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती। उन्होंने मुलुंड-गोरेगाव लिंक रोड पर हुए एक हालिया दर्दनाक हादसे का जिक्र किया, जिसमें एक महिला यात्री की जान चली गई थी। इस घटना के बाद नवघर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। मंत्री के अनुसार, ऐसी कई घटनाएं विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज हो रही हैं, जो इन सेवाओं की असुरक्षित कार्यप्रणाली को दर्शाती हैं।

साइबर विभाग से बड़ी मांग
परिवहन विभाग ने साइबर क्राइम विभाग से मांग की है कि ऐसे सभी अनधिकृत ऐप्स का ऑनलाइन संचालन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। साथ ही, संबंधित ऐप कंपनियों, उनके मालिकों और प्रबंधन के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। मंत्री ने चेतावनी दी है कि कानून को चुनौती देने वाली किसी भी व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

टैक्सी और रिक्शा चालकों का बढ़ता विरोध
अवैध बाइक-टैक्सी सेवाओं के कारण मुंबई की पारंपरिक टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिवहन मंत्री ने माना कि नियमों का पालन करने वाले परवानाधारक चालकों के साथ यह सरासर अन्याय है। इन ऐप-आधारित सेवाओं के माध्यम से होने वाला आर्थिक लेन-देन पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है, जिससे राज्य की परिवहन व्यवस्था को गंभीर चुनौती मिल रही है।

सुरक्षा पर सरकार की प्रतिबद्धता
मंत्री प्रताप सरनाईक ने अपने बयान में कहा, “राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चालकों के सत्यापन की कमी और आपातकालीन तंत्र के अभाव में बाइक-टैक्सी का उपयोग नागरिकों के जीवन को खतरे में डाल रहा है।” सरकार के इस कड़े कदम के बाद अब इन दिग्गज एग्रीगेटर कंपनियों के सामने महाराष्ट्र में अपनी बाइक-टैक्सी सेवाओं को जारी रखना मुश्किल हो सकता है।

Chief Editor – Yusuf Patel

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