‘तीसरी मुंबई’ की ओर बढ़ा कदम; रायगढ़ में 216 एकड़ भूमि का अधिग्रहण, एमएमआरडीए के सहभागी मॉडल को मिली सफलता

मुंबई और नवी मुंबई के बाद अब रायगढ़ जिले में तीसरी मुंबई बसाने के कार्य की शुरुआत हो चुकी है। नवी मुंबई में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने के साथ नैना अर्थात नवीमुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोटिफाई एरिया के रूप में रायगढ़ जिले के पेण इलाके में ग्रोथ सेंटर बनाने के साथ एमएमआरडीए को भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में एमएमआरडीए ने अपना काम शुरू कर दिया है। बताया गया कि जन-केंद्रित एवं पारदर्शी भूमि अधिग्रहण नीति को पहले ही दिन उत्साहजनक प्रतिसाद मिला है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सहभागिता समझौते पर हस्ताक्षर भी किए गए।
नए ग्रोथ सेंटर के लिए अधिग्रहण
मुंबई 3.0 की महत्वाकांक्षी नई शहर संकल्पना के कार्यान्वयन की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने रायगढ़ जिले में प्रस्तावित नए ग्रोथ सेंटर के लिए 216 एकड़ भूमि का भूधारकों की सहमति से सफलतापूर्वक अधिग्रहण किया है।
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एमएमआरडीए की जन-केंद्रित एवं पारदर्शी सहभागितापूर्ण भूमि अधिग्रहण नीति को मिले उत्साहजनक प्रतिसाद के कारण नीति की घोषणा के पहले ही दिन महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मुंबई 3.0 के अंतर्गत प्रस्तावित नए शहर विकास क्षेत्र में रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर के लिए भूधारकों द्वारा बड़े पैमाने पर सहमति मिल रही है।
नीति से सहमति तक
एमएमआरडीए आयुक्त डॉ संजय मुखर्जी के अनुसार इस सहभागिता की नीति को विश्वास में बदलने का कार्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुआ है। इससे विश्वस्तरीय एकीकृत शहरी विकास परियोजना के वास्तविक क्रियान्वयन को औपचारिक शुरुआत मिली है।
जनविश्वास पर आधारित विकास मॉडल
एमएमआरडीए की सहभागितापूर्ण भूमि अधिग्रहण नीति लागू होते ही भूधारकों ने बड़े पैमाने पर सकारात्मक प्रतिसाद देते हुए सहमति प्रदान की है, जिससे अल्प अवधि में बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण संभव हो सका है। विस्थापन नहीं, बल्कि सहमति के माध्यम से विकास के इस मॉडल में भूधारक केवल मुआवजा प्राप्त करने वाले नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास के दीर्घकालिक भागीदार बन रहे हैं। यह विकास अटल सेतु (MTHL),नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विरार अलीबाग मल्टी-मोडल कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है।
एमएमआर के लिए नया शहरी इंजन
मुंबई 3.0 का वास्तविक रूप से एमएमआर का नया शहरी इंजन होगा। रायगढ़ ग्रोथ सेंटर को एक बहुआयामी एवं अगली पीढ़ी के शहरी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें प्रौद्योगिकी एवं वित्तीय सेवा केंद्र, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हब,डेटा सेंटर जिला, माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग, आईटी/आईटीईएस/बीपीओ/केपीओ क्षेत्र,स्वास्थ्य एवं ज्ञान पारिस्थितिकी, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग एवं वितरण केंद्र, सामाजिक अवसंरचना एवं आवश्यक शहरी सुविधाएं शामिल होंगी।
परियोजना के अपेक्षित परिणाम
इन प्रोजेक्ट से 2 लाख से अधिक उच्च कौशलयुक्त एवं उच्च वेतन वाले प्रत्यक्ष रोजगार, साथ ही बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। बड़े स्तर पर विदेशी निवेश (FDI) एवं निजी निवेश आकर्षित होगा। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था (GDP) को महत्वपूर्ण गति मिलेगी।
मुंबई 3.0 के लिए रणनीतिक महत्व
यह चरण मुंबई 3.0 की संकल्पना को नीति स्तर से आगे बढ़ाकर वास्तविक क्रियान्वयन की दिशा में ले जाने वाला है। सहभागितापूर्ण भूमि अधिग्रहण मॉडल की पहली बड़ी सफलता से नागरिकों में विश्वास पर आधारित विकास मॉडल की स्वीकार्यता बढ़ने वाली है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई 3.0 शहरी विकास का एक नया अध्याय है,जो वास्तव में लोगों के लिए और लोगों की सहभागिता से साकार होगा।
इस सहभागितापूर्ण मॉडल के माध्यम से हम केवल भूमि का अधिग्रहण नहीं कर रहे हैं, बल्कि विश्वास का निर्माण कर रहे हैं। यह समझौता प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाले विश्वस्तरीय शहर के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम है। उपमुख्यमंत्री एवं एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई 3.0 केवल एक नया शहर बनाने की परियोजना नहीं है, बल्कि इसे लोगों के साथ मिलकर विकसित करने की पहल है।
भूधारकों से मिला सकारात्मक प्रतिसाद इस मॉडल पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि सहभागितापूर्ण भूमि अधिग्रहण नीति को मिला प्रतिसाद अत्यंत उत्साहजनक है। अल्प अवधि में 216 एकड़ भूमि का अधिग्रहण नागरिकों के इस मॉडल पर विश्वास को दर्शाता है। मुंबई 3.0 नागरिकों की सहमति से आकार ले रहा है, जहां भूधारक इस विकास प्रक्रिया के सह-निर्माता बन रहे हैं।
एमएमआरडीए का भूमि अधिग्रहण का मॉडल
एमएमआरडीए ने भूमि अधिग्रहण का अपनी तरह का पहला सहभागी ढांचा प्रस्तुत किया है,जो भूमि मालिकों को मुंबई 3.0 के भविष्य को आकार देने में सक्रिय भागीदारी के लिए सशक्त बनाता है। इस जन-केंद्रित नीति के तहत, भूमि मालिकों को कई लचीले विकल्प प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता, निष्पक्षता और सहभागिता सुनिश्चित होगी।
महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगर रचना अधिनियम, 1966 के अंतर्गत परस्पर सहमति आधारित भूमि अधिग्रहण विकास अधिकारों (FSI/TDR) के माध्यम से मुआवजा, आवश्यक अतिरिक्त प्रोत्साहनों सहित। लैंड पूलिंग मॉडल (Undeveloped Land for Developed Land), सिडको के आधार पर 22.5% विकसित भूखंड का पुनर्वितरण, जिससे भूधारक दीर्घकालिक विकास के भागीदार बने रहें।
जिसके अंतर्गत उरण एवं पनवेल तालुका के भूधारकों को 22.5% विकसित भूखंडों का वितरण उरण तालुका में किया जाएगा। पेण तालुका के भूधारकों को 22.5% विकसित भूखंडों का वितरण पेण तालुका में किया जाएगा संमती पत्र 27 अप्रैल 2026 से एमएमआरडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। आवेदन करते समय आधार कार्ड, ७/१२ उतारा एवं 8A उतारा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

Chief Editor – Yusuf Patel