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मुंबई में गैस सिलेंडर चोरी: कांदिवली में डिलीवरी टेम्पो से 27 सिलेंडर चोरी, जांच जारी

मुंबई के कांदिवली पश्चिम में एलपीजी सिलेंडरों की चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिससे शहर में खाना पकाने की गैस की उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। मुंबई पुलिस के अनुसार, अज्ञात व्यक्तियों ने चारकोप इलाके में खड़ी एक डिलीवरी टेम्पो से कथित तौर पर 27 सिलेंडर चुरा लिए।

यह घटना 25 और 26 मार्च की दरमियानी रात को हुई, जब वाहन में सिलेंडर रखे हुए थे जिन्हें अगले दिन वितरित किया जाना था।

देर रात के दौरान डिलीवरी की गति को लक्षित किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने खड़ी टेम्पो में सेंध लगाई और कुल 27 सिलेंडर चुरा लिए, जिनमें पांच भरे हुए और 22 खाली सिलेंडर शामिल थे। चोरी की प्रकृति से पता चलता है कि अपराधियों को वाहन के अंदर मौजूद सामान की जानकारी थी और उन्होंने जानबूझकर इसे निशाना बनाया।

निर्धारित डिलीवरी पूरी करने के बाद टेम्पो को रात भर वहीं खड़ा रखा गया था, जिससे यह अपेक्षाकृत कम निगरानी वाले क्षेत्र में एक आसान लक्ष्य बन गया।

ड्राइवर को अगली सुबह चोरी का पता चला।
शिकायतकर्ता नंदकुमार रामराज सोनी (35), मलाड पश्चिम निवासी, पिछले सात वर्षों से श्रीजी गैस सर्विस में डिलीवरी एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। घर-घर जाकर एलपीजी सिलेंडर पहुंचाना उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत है।

25 मार्च को सोनी ने अपना नियमित डिलीवरी का काम पूरा किया और रात करीब 11 बजे चारकोप में टेम्पो पार्क करके घर लौट गया। जब वह 26 मार्च को सुबह लगभग 8 बजे वापस आया, तो उसने पाया कि वाहन के साथ छेड़छाड़ की गई थी।

खिड़की का शीशा टूटा हुआ था और पीछे का ताला क्षतिग्रस्त था। जाँच करने पर उन्हें पता चला कि सभी सिलेंडर चोरी हो गए थे।

मामला दर्ज, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा जारी
सहकर्मियों से पुष्टि करने के बाद कि सिलेंडरों को कहीं नहीं ले जाया गया था, सोनी ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। चारकोप पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच के लिए कई टीमें तैनात की गई हैं। आसपास के स्थानों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध व्यक्ति और वाहन दिखाई दिए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।

अवैध वितरण नेटवर्क की जांच जारी
जांचकर्ता इस संभावना की भी पड़ताल कर रहे हैं कि चोरी हुए सिलेंडरों को अवैध गैस वितरण चैनलों या स्क्रैप बाजारों में भेजा गया हो। जांच के तहत ऐसी गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।

चोरी हुए सिलेंडरों का कुल मूल्य लगभग 15,500 रुपये आंका गया है। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि इनकी कीमत अपेक्षाकृत कम है, फिर भी संभावित सुरक्षा जोखिमों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर इसके प्रभाव के कारण इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है।

पुलिस ने कहा है कि जांच कई मोर्चों पर चल रही है और विश्वास जताया है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Chief Editor – Yusuf Patel

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